
ई-टोकन प्रणाली के विरोध में किसानों का उबाल: पांढुर्णा में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। जिले में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। आज जिला किसान कांग्रेस कमेटी पांढुर्णा के तत्वावधान में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर, पांढुर्णा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से सेवा सहकारी समितियों एवं कृषि केंद्रों में लागू की गई ई-टोकन प्रणाली का विरोध किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस नई व्यवस्था ने किसानों की समस्याएं कम करने के बजाय और बढ़ा दी हैं। किसानों में इस प्रणाली को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान ऋण वितरण प्रक्रिया इतनी जटिल बना दी गई है कि सामान्य किसान इसे समझ पाने में असमर्थ हैं। साथ ही, ऋण प्राप्त करने के लिए जमानतदार की अनिवार्यता को भी किसानों के लिए अनुचित बताया गया। उनका कहना है कि जब किसान की भूमि पहले से ही सेवा सहकारी समिति में बंधक रहती है, तो अतिरिक्त जमानतदार की शर्त थोपना तर्कसंगत नहीं है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सौसर-पांढुर्णा क्षेत्र कपास और संतरा उत्पादन के लिए जाना जाता है, जहां इन फसलों के लिए अधिक मात्रा में खाद की आवश्यकता होती है। वर्तमान ई-टोकन प्रणाली के तहत निर्धारित खाद की मात्रा किसानों की जरूरतों को पूरा करने में अपर्याप्त साबित हो रही है। ऐसे में किसानों को समय पर और पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कांग्रेस ने मांग की है कि ई-टोकन प्रणाली को तत्काल प्रभाव से बंद कर पुरानी खाद वितरण व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और खेती कार्य बाधित न हो।

इस अवसर पर सौसर विधायक विजय चौरे, पूर्व विधायक सुरेश झलके, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र येमदे, जिला प्रवक्ता विट्ठल गायकवाड, जिला महामंत्री प्रशांत महाले, डॉ. साहेबराव टोम्पे, नरेंद्र पनासे, गणेश भादे, हुकुमचंद पराडकर, सुनील सुले, सुरेश ठाकरे, रामकृष्ण पोद्दार, अनिल चौधरी, किशोर गायकवाड, विलास धोटे, दीपक मुरमकर, सुभाष गेडाम, रामकिशन हिवसे, राजेंद्र जुमडे, अनिल महाले सहित बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने एक स्वर में अपनी समस्याएं उठाते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।